Now 12:50PM वक्त है लेकिन मन नहीं है तो ये बातें कर रहा हूं... पहले का गुरुकुल, आज का स्कूल बच्चों का दिमाग हो गया लुल शिक्षक को बना दिया नौकर, सरकार कर रही बड़ी भूल। आस पड़ोस में खुल गए प्राइवेट स्कूल। सरकारी जॉब निकले कहां? #2 Now 12:58PM मेरा मानना है यदि समाज है और अपने हैं इस बीच में यदि किसी का अहित हो रहा है तो समाज को और अपनों को आगे आना चाहिए तभी तो उनके होने का मतलब है। दो भाइयों में लड़ाई हो रही है न समाज वाले आगे आ रहे हैं न उसके अपने आगे आ रहे हैं गलत हो रहा है करके बस बातें कर रहे हैं लेकिन सब एक साथ आगे आकर बातें करें समस्या का हल निकाले करके कोई नहीं बोल रहे। वो लोग मूर्ख हैं जो समाज के नाम पर अपनों के नाम पर अपना निज स्वार्थ छोड़ देते हैं इसीलिए कहते हैं समाज को न देखो स्वार्थी पहले बनो फिर अपनों के लिए समाज के लिए अच्छा करो जो हो सके जितना हो सके। बड़ा दुख होता है ये जान कर की बड़ा भाई धन के लालच में आकर छोटा भाई का जब अहित करता है। मान के चलो मेरे साथ यदि ये होता है तब मैं क्या करूंगा में तो झगराहा कैसे करहूं यार कोन जानी 😊 एक बात हमेशा याद रखनी है बुरा किसी का...
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