Now 12:45AM Akele rhna hi behtar hai muskil wqt me koi sath nhi rhta sb sath chhodne ki bat krte hai.
Duaa kubul ho DUAA KUBUL HO POEM BY KHILAWAN मिन्नतें खुदा से बस इतनी है बस वो ठीक हो। मैं जैसा भी हूँ ठीक हूँ मेरे लिए बस वो ठीक हो। मेरी खुशियां बस उसके लिए हैं। बस उसकी सारी तकलीफें दूर हों। मिले उसको कोई तकलीफें तो मुझे महसूस हों। बस वो खुश हो। कुछ तो नहीं मेरे पास लेकिन जो भी मैं मांगूँ ऐ खुदा तुमसे उसे नशीब हो। रखना निगाहें करम ऐ खुदा बस मेरे किस्मत में बस वो ही अजीज हो। उसकी सारी की सारी दुःख, दर्द और तकलीफें मुझे नशीब हों। बस दिल से दुआ है तुमसे बस वो खुश हो। पता है मुझे मेरे किस्मत में वो नहीं लेकिन उसके किस्मत में जो हो उसे पूरा नशीब हो। बस खुशियाँ मीले उसे तकलीफें नशीब न हों। जो भी हो जैसी हो बस खुश रहे। यही कहा करता हूँ तुमसे खुदा। मन्नते जो भी मांगूँ मेरे लिए पूरी करना या ना करना। पर मन्नते पूरी वो जरूर करना जो उसके लिए हो। जिस तकलीफ से वो गुजर रही हो वो मुझे नसीब हो। बस और कुछ न मांगूँ मैं तुमसे बस उसके चेहरे पर हसीन मुस्कान हो। जो हो मुझे कुछ नही पता बस मैं उसको चाहूँ और उसका नशीब हो। बस मेरे दोस्त की ...