Now 08:26AM Happy July Kar De Pdhai... Kal bhale tay tay fis hoge rihis aaj pdhu jo ho jay 💪💪💪
हाय दोस्तों कैसे हो आप उम्मीद करता हूँ आप अच्छे ही होंगे।
TEREE BATEN POEM BY KHILAWAN
वैसे तो मेरे दिमाग में बहुत सारे ख्याल आते रहते हैं लेकिन कुछ ख्याल ऐसे होते हैं जिसे आपके साथ शेयर करना दिलचस्प बनाता है तो मेरे दिमाग में कुछ लाईने आई हैं जिसे मैंने कविता समझा है और उसे नाम दिया है तेरी बातें यहां पर लिखा है।
ये बातें हैं उस चाहने वाली की जिसकी चाहत उससे दूर है और उसे याद करके लफ़्ज़े बयां कर रहा है।
तेरी बातें
न जाने क्यों आज भी याद आती हैं तेरी बातें..
न जाने क्यों आज भी याद आती हैं तेरी बातें..
भूल जाता हूँ मैं, अपने आप को जब याद आती हैं तेरी बातें..
पर तुझे नहीं भुला पाता हूँ..
बैठे बैठे याद करता रहता हूँ मैं तेरी बातें..
न जाने क्यों ? याद आती हैं वो तेरी बातें..
कहा था न ? तूने तूं मेरा दोस्त है !
आज भी याद करता हूँ , दोस्त वो तेरी बातें..
अपना हाल किससे कहूँ?
अपना हाल किससे कहूँ?..
सब कहते हैं किस्से हैं ये तेरी बातें...
पर मुझे सुकून कहाँ?
पर मुझे सुकून कहाँ?
लोगों से करते-करते अपनी बातें..
कर बैठता हूँ मैं तेरी बातें..
परेशान हैं मेरे सारे दोस्त, सुन के मेरी बातें..
पर न जाने हर पल, हर घड़ी क्यों याद आतीं हैं तेरी बातें..
वो कहते हैं मुझसे अरे क्यों करता है तूं सिर्फ उसकी बातें कर कुछ तेरी बातें।
पर जाने अनजाने कमबख्त ये दिलो दिमाग में न जाने कहाँ से आ जाती हैं तेरी बातें..
दोस्त कहते हैं पहले तूं करता था बस तेरी बातें..
अब न जाने क्यों करता हूँ मैं बस तेरी बातें..
हाँ याद हैं वो तेरी बातें..
हाँ आज भी याद हैं वो तेरी बातें।
जब उसने मुझसे कहा था, जा मैं नही करती तेरी बातें..
तब बस काम आयी थी तेरी बातें..
तब तूने कहा था याद रखना मुझे
आज हाँ सच में याद आ रहीं हैं तेरी बातें।
तेरी खुशी में मेरी खुशी है बस यहीं है मेरी बातें।
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