Now 09:00AM
देखो मेरे यार प्रारब्ध और अंत आपके हाथ में यह दोनों नहीं है लेकिन इसके बीच में जो है वह आपके प्रारब्ध को बदल सकता है आपके अंत को बदल सकता है तो जो करना है मन लगाकर करो।
ये मेरे उन लोगों के लिए जो फसे पड़े हैं मुझे ये नही मिला वो नहीं मिला कोशिस ही नही किया तो नहीं मिला सिंपल।
मान के चलो कोशिस किया उसमें कमी रही हो तो नहीं मिला।
तो दुखी नहीं होना है जींवन में ये जींवन तुम्हारा है तुम पर निर्भर करता है तुम इसे कितना अच्छा बना पाते हो।
अच्छा बन भी जाये जरूरी तो नहीं लेकिन कोशिस भी न करें तो करेंगे क्या कुछ तो करना पड़ेगा इसलिए जो है उसी को यथार्थ मानकर अपना सर नीचे रखकर कर्म करते चलो कोई कुछ भी बोले आपके सिवा किसी को कुछ नहीं पता आप चाहते क्या हो।
सब कुछ एक दिन मिट्टी में मिल जाएगा मेरा कुछ भी नहीं है।
लेकिन जीते तक तो है यार,
मन जब व्यथित हो कुछ समझ न आये तो शुरू से शुरू नहीं करना है जहां छोड़ा था वहीं से शुरु करना है चाहे काम हो या हो कोई और चीज।
तो पढ़ो मन लगाकर सब अपने हैं सबकुछ मेरा है सब मुझमें है कोई मुझसे दूर नहीं कोई मेरे बाहर नहीं सबकुछ मेरे अंदर है तो मैं हूँ।
बोलो जय माता दी 😃
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