Now 12:45AM Akele rhna hi behtar hai muskil wqt me koi sath nhi rhta sb sath chhodne ki bat krte hai.
कॉलेज के वे दो साल जिसमें मैने बहोत कुछ जाना समझा सीखा और पाया, खोने को मेरे पास पहले भी कुछ नहीं शिवाय बेचैनी के और आज भी नहीं है।
तो कॉलेज की कुछ मीठी यादें और बातें जो मेरे मन से निकलकर आपतक पहुंच रही है पढ़िए और समझिए।
मीठी बातों से अच्छा तो वो तुम्हारी मुस्कान थी।
तुम्हारा मुड़कर देखना और हँसना क्या बात है।
वो ही बस मुस्कान मेरी जान थी।
जब से खोई मैंने लगता है खोई मैंने जहान है।
चलो कही इनसे दूर चलते हैं।
जहाँ मेरी जहान है जहाँ तेरी मुस्कान है।
Good Morning Buddy...
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