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11 May 2026

 Now 12:45AM Akele rhna hi behtar hai muskil wqt me koi sath nhi rhta sb sath chhodne ki bat krte hai. Now 04:30PM इतनी गर्मी बाप रे साला गरीब पैदा होना ही अभिशाप है और गरीब मर जाना सबसे बड़ा पाप।

Sorry Dost

 आज भी मन मेरा वैसा ही है हर रोज बातें करना चाहता है तुमसे पर मजबूरी है बात न करने की।

एक डर है जो कहीं मन में बैठा है और यहीं वजह है तुमसे बात न करने की।

क्योंकि सिर्फ बातों से ही तो ये कहानी शुरू हुई थी।

ठीक है यार दोनों ने कभी न कभी बोला था कि बात करना कभी बन्द नहीं करेंगे।

लेकिन सच बोल रहा हूँ मैं फट्टू हूँ मुझे डर लगता है इसलिए बात नहीं कर रहा sorry...

After 03:55AM

Good Morningy Mamma...

कभी एकदम ज्यादा बात करने का मन करे आपका तो ही मैं बात करूँगा नहीं तो कभी नहीं क्यों क्योंकि आज आपके पास कोई है जिसके साथ आपको जिंदगी बितानी है।

तो उन्हें आप ज्यादा समय दें मैं बिता हुआ कल हूँ जो दोबारा कभी नहीं आऊँगा।

अगर आ भी जाता हूँ तो सिवाय तकलीफों के कुछ नहीं दे सकता अपने घर वालों को तुमको सभी को।

मैंने क्या कहा था मेरे पास बस यादें हैं और इन्हीं के सहारे जिंदा रह सकता हूँ।

Ok यार ठीक है बात बहुत सारी हैं वक्त बहुत कम तो बातें कंटीन्यू रहेंगी अभी जा रहा हूँ दौड़ने सजा जो जीवन भर मुझे मिलने को है दर्द जो मुझे याद दिलातीं हैं मेरी असफलता को हार को क्योंकि मेरी जीत मेरी हार सिर्फ तुमसे थी और आज भी है।

ओके बाय...

After 06:32AM

तो आज पूरे दो महीने कम्प्लीट आवाज नहीं सुनी और न ही बात की मैसेज में एंड 09:47AM पूरे दो महीने और 12 घण्टे हो जातें हैं आज।

इतने दिनों तक बात न करने पर भी ऐसा कभी नहीं लगा कि उससे बात नहीं कि मैंने तो वाट्सप इंसटाल नहीं किया है लेकिन, मेरे दोस्त ने किया है तो वहाँ से बहुत कुछ मुझे उसके बारे में स्टेटस देख के अंदाजा लगा?

अब इसका मतलब ये नहीं कि वो मस्त हो जैसी भी होगी अच्छी होगी स्टेटस देख के लगा।

जैसा भी हो वो खुश तो हम खुश और हम खुश तो वो खुश हो जरूरी नहीं ओके...

सब अपने अपने जगह सहीं हैं कोई गलत नहीं। न तुम न मैं न कोई और...

तो ऐसे रहा दो महीने बात न करने के एक्सपेरिमेंट मेरा तो मन बार बार करता था बात करने का लेकिन हिम्मत नही होती  थी।

वो बड़ी निडर कॉल करती मैं रिसीव नहीं करता।

मैं बड़ा फट्टू यार...

मैसेज करती रिप्लाय नहीं करता।

फिर भी ये उम्मीद करता मुझसे रूठे न।

अब इतने पागल इंसान को कौन अपना दोस्त बनाएगा जरा सोच के देखिये।

घमण्ड है मेरे अंदर तेरे मेरे साथ होने का कभी तोड़ना मत।

इसीलिए तो कहता हूँ मैं घमण्ड से भरा इंसान अब गलत आप समझो या दूसरे मुझे तो मैं अच्छा लगता है अच्छा लगती थी और हमेशा लगती रहोगी...

After 07:48PM

लक्ष्य को हर हाल में पाना है।

सफर यहीं तक है या अभी और जाना है।

यह किसी ने नहीं जाना है।

मस्त हो मगन अपने काम में।

यूं ही लगी रहे जिंदगी।

मौत कब आ जाये यह किसने जाना है।

बस एक याद छोड़ के इस दुनिया से चले जाना है।

फिर न लौट के इस दुनिया में नहीं आना है।

बड़ी तकलीफें हैं इंसान की इस बस्ती में।

मौत तो मिल जाती है सस्ती में।

जिंदगी नहीं मिलती सस्ती में।

अपनी लाइफ अपने हिसाब से जियें और खुश रहें।

जय श्री कृष्ण शुभ रात्रि।

ओके बाय न...

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