Now 08:26AM Happy July Kar De Pdhai... Kal bhale tay tay fis hoge rihis aaj pdhu jo ho jay 💪💪💪
-- By Khilawan patel
लफ्ज नही हैंक्या कहूँ मैं तुमसे
हुआ हूँ तेरा।
तुझसे जुड़ा
तब से घुला हुआ
तुझमें पाया।
आज जीने में
क्या मजा है समझ
न आया फिर।
समझ न पाया
खुदमें हूँ पागल
अब तो आ जा।
सुबह हुई
साम तो होगी फिर
बात तो होगी।
सुबह जब
उठा पाया तुझको
सब सपने।
ख्यालों में तुम
ख्वाबों में तुम ही हो।
बस लफ्ज हैं।
सपने तेरे
बस अपने नही
अधूरे ही हैं।
वादियो का न
कोई दोष घनेरा
सुबह तेरा।
साम भी तेरा
सुबह का मुस्कान
भी तेरा ही है।
मांग ले जो भी
हाजिर जवाबी में
ये जान भी है।
बस ये मत
कहना कभी तुम्हें
हमसे हुआ।
नही गलत
तो बस हम ही हैं
न कसूर है।
आपकी हर
गलतियों पर न
करने वाले।
सभी गलती
माफ करने वाले
बस हम हैं।
गलती मेरी
न तुम्हारी थी बस
कसूर मेरा।
क्या लफ्ज तेरा
घायल जमीर है
बस वक्त है।
यू ही निकल
जाएंगी सिर्फ यादें
रह जाएंगी।
रुलाया है न
मुझे तुमने उस
पल पल की।
बारी आपकी
भी थोड़ी सी तो अब
आ ही आएगी।
है भरोसा तो
वादा कर छोड़ के
नहीं जाएगी।
हाइकू में पहली बार लिखने की कोशिश करि है समझ आये तो कुछ तो कहना कमेंट में लिखना दोस्तों के साथ शेयर करना मजे करो मस्त रहो।
Thanks a lot bye..

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