Now 08:26AM Happy July Kar De Pdhai... Kal bhale tay tay fis hoge rihis aaj pdhu jo ho jay 💪💪💪
Ab Aapko Bhool Jana Bhi Aata Hai
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| Ab Apko Bhul Jana Aata Hai |
अंदर से अब न जाने ये अब क्यों ख्याल आते हैं?
कभी छोड़ना मत।
वादा जो किया था मुझसे वो कभी तोड़ना मत।
साथ निभा न सकोगे उम्र भर पता है मुझे
लेकिन अभी तो दिल कहता है तुम मुझे कभी अकेले छोड़ना मत।
क्या पता यही मेरे उम्र का आखरी पल हो।
साथ निभा देना आज या कल हो
तुम मेरे दिल मे आने वाले वो पल हो
जिसकी तलाश हर सुबह और हर साम है।
तेरे आने से ही दिन और रात में आराम है।
आज तक ख्याल में कोई आये न तेरे सिवा।
कभी सोचा था घर मैं आउ आपके
देखूं मैं भी क्या सपने है आपके।
पहले मैं जिक्र कर लिया करता था तुमसे
पर अब न करता हूँ।
अब साथ शायद छूट गया तेरा मेरा
ये सोच के भी डरता हूँ।
तूँ आज है कल का पता नही।
तूँ कल हो न हो मैं कल हो न हूँ।
जो भी है बस बाते हैं।
रह जाती केवल मीठी बातों की यादें है।
जब बातें हुआ करती थी तेरी मेरी
वो आज भी याद आतें हैं।
कभी कहा करती थी तुम नींद नही आ रही मुझे।
मैं कहा करता था क्यों?
तुम कहती न जाने क्यों?
मैने समझा कुछ और था।
न जाने वो मेरे जीवन का कौन सा दौर था।
स्मृतियों में अब भी जिंदा हो तुम
भूल गया आज तुम्हें तो क्या
आज भी यादों में जिंदा हो तुम
भूल गया तुम्हें ये कह तो दूँ
पर पता नही तूँ शायद उस आदत की तरह बन गई है जैसे कोई रोज अदा करने पहुचा हो।
सुना था एक दिन जो वो पूरा हो गया।
मेरा प्यार था अधूरा कहा था किसी ने आज सच में अधूरा हो गया।
मिन्नते करूँ भी तो क्या अब वो जा चुकी है।
जिसका कोई तो पता था कभी
आज वो भी ला पता हो चुकी है।
याद करूँ न करूँ मैं तुझे पर न जाने क्यों हर रोज ख्यालों में आती है।
कभी देख लूँ कभी बाते कर लूं मन को ये बातें आज भी लुभाती हैं।
शायद अब बचा लूँ उस बीते पलों की यादों को।
लिख लूँ अपनी डायरी में उन तेरे साथ गुजरे पलों को।
तूँ न रहेगी तेरी याद तो रहेगी।
आज जो भी हूँ जिस हाल में हूँ
सब किसी न किसी ख्वाहिस की मांग थी।
कल जो भी कहा था तूने वो सब झूठे निकले।
आज तो माहौल ये है
मैं अकेला हूँ बस तेरी यादें साथ है।
जो किये थे अकेले में बातें वो बातें साथ है।
छीन लिया तुमने मेरा वो पल तो क्या हुआ।
दिया ये गम तो क्या हुआ।
आज हँसता हूँ उन पलों को याद करके।
कभी कहा था मैंने छोडूंगा न साथ करके।
तूँ मुझे गलत समझे मगर मैं भी सही हूँ।
अपने जगा से
तूँ भी सही है अपने जगा से
बस मेरी समझ कुछ और थी।
आपने सोचा था कुछ और है।
कहा मुझसे कुछ और है।
सब पता है मुझे वो गुजरा जो दौर है।
शायद मैं वही टाइम पास था।
एक दिन मैंने जो जाने अनजाने में कहा था।
आज भी तेरे लिए बेसक वही हूँ शायद।
इसीलिए जब मन करता है बात करने का कर लेती हो।
जब मन करे छोड़ देती हो।
शायद अब मेरा कोई भी वजूद नही तेरे उस दिल में।
जिसमें से कभी निकला करता था नींद नही आ रही ।
अब आ जाती है।
कभी कहा करता थी
पूछा करती थी कहि प्यार तो नही हुआ मुझसे जब तूने मुझसे पूछा तो था।
पर अब है या नही पता नही शायद नही।
क्योकि अब तूँ वो नही जो पहले थीं।
बातें अब वो नहीं जो पहली थी।
यादें अब वो नही जो पहले थीं।
पुराने पल ही है अब मेरे पास।
ऐसे ही गुजरेंगे पल पता है मुझे
अब आपको भूल जाना भी आता है।
शायद मुझे।

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