Now 08:26AM Happy July Kar De Pdhai... Kal bhale tay tay fis hoge rihis aaj pdhu jo ho jay 💪💪💪
वो देख रहा है!
Vo Dekh Rha Hai hindi Poem
by Khilawan
यह कविता भगावन की या कहें प्रभुकी उस महिमा को बताता है जिसमें हमें भगवान चाहते हैं वो हमारी मदद करें लेकिन वो मदद इसलिए नहीं कर रहें हैं की हम कमजोर न हों और उनके सहयोग न देने के पीछे क्या कारण है उसको लिखा है इन्शान की कमजोरी को बताया है, कविता पढ़ें और अपने विचार कमेंट बॉक्स में लिखें।![]() |
| वो देख रहा है! Vo Dekh Rha Hai Poem by Khilawan |
जीवन...
भगवान ने जीवन दे तो दिया है, लेकिन कैसे जीना है आपको डिसाइड करना है।
क्योकि उसने आपको मालिक बनाया है और वो खुद माली बन के देख रहा है।।
किस पौधे को पानी की जरूरत है, वो देख रहा है।
किस फूल को तोड़ना है और किस फूल को छोड़ना है वो देख रहा है।
सब पर निगाहें हैं उसकी लेकिन वो देख के भी के इग्नोर कर रहा है।
क्योकि उसे पता है की अगर अभी साथ दे दिया तो
वो सहारे के बल पर गरजेगा फिर जब सहारा न रहा तो पानी को तरसेगा।
इसलिए वो इग्नोर कर रहा है, जो भरोसा है उसे तोड़ रहा है ताकि
बिना सहारे के तुम खड़ा होकर चल सको।
अपनी मंजिल को पा सको।
लेकिन हम इंसान समझ न पाते उनके इस इसारे को।
खोये हुए हैं उनको पाने को जो कभी न हमारे हों।
शायद इसलिए इसलिए दुखी है हर इन्शान।
और ढूंढता है उस कदमों के निशान जो उसका है ही नहीं।
मिट जाने है एक दिन सब कुछ वो देख रहा है।
पल में दुखी और पल में खुश कैसे हो जाता है इन्शान वो देख रहा है।
समझ न आये फिर भी वो देख रहा है।
क्या होगा तेरा रे इन्शान वो सोच रहा है।
मेरे मन की बात आप तक इसी तरह पहुँचती रहेगी कविता के माध्यम से गीत के माध्यम से अपना प्यार बनाये रखें धन्यवाद !
जय हिंदी।
याद रखें किसी भी प्रकार के जाती धर्म को ठेस पहुँचाना इस ब्लॉग का उद्देश्य नहीं है ये सिर्फ मेरे विचार हैं...

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